हनुमान चालीसा एक भक्तिपरक स्तुति है जो भगवान हनुमान को समर्पित है, जो हिंदू धर्म में शक्ति, भक्ति और साहस के लिए प्रसिद्ध हैं। इसे 16वीं सदी में संत कवि तुलसीदास द्वारा रचित किया गया था। यह स्तुति 40 पंक्तियों (चालीसा का अर्थ है चालीस) में विभाजित है और इसकी आध्यात्मिक महत्व और परिवर्तनकारी प्रभाव के लिए प्रशंसा की जाती है। यह अवधी भाषा में लिखी गई है, जो हिंदी का एक उपभाषा है।